🌞 आज का हिन्दू पंचांग 🌞 09 नवम्बर 2022 (Aaj ka Panchang)

🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞


दिनांक – 09 नवम्बर 2022
दिन – बुधवार
विक्रम संवत् – 2079
शक संवत् – 1944
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत
मास – मार्गशीर्ष ( गुजरात एवं महाराष्ट्र में कार्तिक मास )
पक्ष – कृष्ण
तिथि – प्रतिपदा शाम 05:16 तक तत्पश्चात द्वितीया
नक्षत्र – कृतिका 10 नवम्बर प्रातः 01:39 तक तत्पश्चात रोहिणी
योग – वरीयान रात्रि 09:18 तक तत्पश्चात परिघ
राहु काल – दोपहर 12:23 से 01:47 तक
सूर्योदय – 06:49
सूर्यास्त – 05:58
दिशा शूल – उत्तर दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:06 से 05:58 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11:58 से 12:49 तक
व्रत पर्व विवरण
विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🌹मार्गशीर्ष मास :- ( 09 नवम्बर से 08 दिसम्बर 2022 )

🌹 मार्गशीर्ष मास की माहात्म्य 🌹


🌹1. मार्गशीर्ष मास में कपूर का दीपक जला के भगवान को अर्पण करनेवाला अश्वमेध यज्ञ का फल पाता है और कुल का उद्धार कर देता है ।
( स्कंद पुराण,वैष्णव खण्ड, मार्गशीर्ष मास माहात्म्य :8.38)
-ऋषिप्रसाद नवम्बर 2019

🌹2. मार्गशीर्ष मास में विष्णुसहस्त्र नाम, भगवत गीता और गजेन्द्रमोक्ष पाठ की खूब महिमा है । इन तीनों का पाठ अवश्य करें ।

🌹3. इस मास में ‘श्रीमद भागवत’ ग्रन्थ को देखने की भी महिमा है । स्कन्द पुराण में लिखा है की घर में अगर भागवत हो तो एक बार दिन में उसको प्रणाम करना चाहिए ।

🌹4. इस मास में अपने गुरु को, इष्ट को “ॐ दामोदराय नमः” कहते हुए प्रणाम करने की बड़ी भारी महिमा है ।

🌹5. शंख में तीर्थ का पानी भरो और घर में जो पूजा का स्थान है उसमें भगवान – गुरु उनके ऊपर से शंख घुमाकर भगवान का नाम बोलते हुए वो जल घर की दीवारों पर छाटों उससे घर में शुद्धि बढ़ती है, शांति बढ़ती है और कलेश झगड़े दूर होते है ।

🔹सर्दियों के लिए बल व पुष्टि का खजाना🔹


👉 रात को भिगोयी हुई १ चम्मच उड़द की डाल सुबह महीन पीसकर उसमें २ चम्मच शुद्ध शहद मिला के चाटें । १ – १.३० घंटे बाद मिश्रीयुक्त दूध पियें । पूरी सर्दी यह प्रयोग करने से शरीर बलिष्ठ और सुडौल बनता है तथा वीर्य की वृद्धि होती है ।

👉 दूध के साथ शतावरी का २ – ३ ग्राम चूर्ण लेने से दुबले-पतले व्यक्ति, विशेषत: महिलाएँ कुछ ही दिनों में पुष्ट जो जाती हैं । यह चूर्ण स्नायु संस्थान को भी शक्ति देता हैं ।)

👉 रात को भिगोयी हुई ५ – ७ खजूर सुबह खाकर दूध पीना या सिंघाड़े का देशी घी में बना हलवा खाना शरीर के लिए पुष्टिकारक है ।

👉 रोज रात को सोते समय भुनी हुई सौंफ खाकर पानी पीने से दिमाग तथा आँखों की कमजोरी में लाभ होता है ।

👉 आँवला चूर्ण, घी तथा शहद समान मात्रा में मिलाकर रख लें । रोज सुबह एक चम्मच खाने से शरीर के बल, नेत्रज्योति, वीर्य तथा कांति में वृद्धि होती है । हड्डियाँ मजबूत बनती हैं ।

👉 १०० ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को २० ग्राम घी में मिलाकर मिट्टी के पात्र में रख दें । सुबह ३ ग्राम चूर्ण दूध के साथ नियमित लेने से कुछ ही दिनों में बल-वीर्य की वृद्धि होकर शरीर हृष्ट-पुष्ट बनता है ।

👉 शक्तिवर्धक खीर : ३ चम्मच गेहूँ का दलिया व २ चम्मच खसखस रात को पानी में भिगो दें । प्रात: इसमें दूध और मिश्री डालकर पकायें । आवश्यकता अनुसार मात्रा घटा-बढ़ा सकते हैं । यह खीर शक्तिवर्धक है ।

👉 हड्डी जोड़नेवाला हलवा : गेहूँ के आटे में गुड़ व ५ ग्राम बला चूर्ण डाल के बनाया गया हलवा (शीरा) खाने से टूटी हुई हड्डी शीघ्र जुड़ जाति है । दर्द में भी आराम होता है ।

👉 सर्दियों में हरी अथवा सुखी मेथी का सेवन करने से शरीर के ८० प्रकार के वायु-रोगों में लाभ होता है ।

👉 सब प्रकार के उदर-रोगों में मठ्ठे और देशी गाय के मूत्र का सेवन अति लाभदायक है । (गोमूत्र न मिल पाये तो गोझरण अर्क का उपयोग कर सकते हैं ।)

🔹नारियल के पानी से वायु होता हो तो🔹

🔹नारीयल का पानी गुनगुना करके पीयो, उसमे जरा-सा नमक, जरा-सा एक कालीमिर्च का पावडर मिला के लें, वो नारियल का वायु काट देगा ।