Shiv Ji Ki Aarti

Shiv Ji Ki Aarti शिव जी की आरती कैसे करें? सही विधि, समय और पूरी जानकारी

परिचय

भगवान शिव हिंदू धर्म के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। उन्हें भोलेनाथ, महादेव, शंकर और नीलकंठ जैसे कई नामों से जाना जाता है। भक्त मानते हैं कि सच्चे मन से की गई पूजा और आरती से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

शिव जी की आरती करना केवल एक धार्मिक परंपरा ही नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। आरती के दौरान दीपक, धूप और मंत्रों के माध्यम से भगवान शिव की स्तुति की जाती है। इससे मन को शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि शिव जी की आरती कैसे करें, सही समय क्या है और पूजा की सही विधि क्या है, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी होगा।

शिव जी की आरती क्या होती है?

आरती भगवान की पूजा का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसमें दीपक जलाकर भगवान के सामने घुमाया जाता है और उनके गुणों का गान किया जाता है।

शिव जी की आरती का अर्थ है भगवान शिव की महिमा का गान करना और दीपक के माध्यम से उनकी आराधना करना। यह पूजा का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।

भक्तों का मानना है कि आरती करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

Shiv Ji Ki Aarti शिव जी की आरती करने का सही समय

शिव जी की आरती दिन में किसी भी समय की जा सकती है, लेकिन कुछ समय विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।

1. सुबह की आरती

सुबह ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के समय शिव जी की आरती करना बहुत शुभ माना जाता है।

2. शाम की आरती

शाम को सूर्यास्त के बाद आरती करना भी अच्छा माना जाता है। यह समय दिनभर की थकान और तनाव को दूर करता है।

3. विशेष दिन

कुछ विशेष दिनों में शिव जी की आरती करने का महत्व और बढ़ जाता है।

  • सोमवार

  • श्रावण मास

  • महाशिवरात्रि

  • प्रदोष व्रत

इन दिनों की गई आरती से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

शिव जी की आरती के लिए आवश्यक सामग्री

आरती करने से पहले पूजा की सामग्री तैयार कर लेनी चाहिए।

मुख्य सामग्री इस प्रकार है:

  • दीपक (घी या तेल का)

  • रुई की बत्ती

  • अगरबत्ती या धूप

  • फूल और बेलपत्र

  • कपूर

  • जल से भरा लोटा

  • प्रसाद (फल या मिठाई)

  • घंटी

इन सभी चीजों से पूजा और आरती पूर्ण मानी जाती है।

शिव जी की आरती कैसे करें? (सही विधि)

अब हम आपको शिव जी की आरती करने की सही और सरल विधि बता रहे हैं।

1. पूजा स्थान की सफाई करें

सबसे पहले उस स्थान को साफ करें जहाँ भगवान शिव की पूजा करनी है। साफ स्थान पर पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा आती है।

2. शिवलिंग या भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें

अगर आपके घर में शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर है, तो उसे पूजा स्थान पर रखें।

3. जल अर्पित करें

शिवलिंग पर जल या गंगाजल अर्पित करें। इसके साथ ही बेलपत्र और फूल चढ़ाएं।

4. धूप और दीप जलाएं

अब अगरबत्ती और दीपक जलाकर भगवान शिव के सामने रखें।

5. मंत्र या आरती गाएं

अब श्रद्धा और भक्ति के साथ शिव जी की आरती गाएं।

सबसे प्रसिद्ध आरती है:

“ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा”

आरती गाते समय दीपक को भगवान के सामने गोल-गोल घुमाया जाता है।

6. कपूर की आरती करें

अंत में कपूर जलाकर भगवान शिव की आरती करें।

7. प्रसाद वितरित करें

आरती पूरी होने के बाद भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और परिवार के सभी सदस्यों में बांट दें।

शिव जी की प्रसिद्ध आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दशभुज अति सोहे।
तीनों रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला वनमाला मुंडमाला धारी।
चंदन मृगमद सोहे भाले शशिधारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक ब्रह्मादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमंडल चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी दुखहारी जगपालनकारी॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुण स्वामी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा॥

शिव जी की आरती करने के लाभ

शिव जी की आरती करने से कई आध्यात्मिक और मानसिक लाभ मिलते हैं।

1. मन को शांति मिलती है

आरती और मंत्रों का उच्चारण मन को शांत करता है और तनाव कम करता है।

2. नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है

धूप, दीप और मंत्रों की ऊर्जा से वातावरण पवित्र हो जाता है।

3. भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है

भक्त मानते हैं कि सच्चे मन से की गई आरती से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं।

4. जीवन में सुख और समृद्धि आती है

नियमित पूजा और आरती से घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली आती है।

शिव जी की पूजा करते समय ध्यान रखने वाली बातें

शिव जी की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  • पूजा हमेशा साफ स्थान पर करें

  • भगवान को ताजे फूल और बेलपत्र ही चढ़ाएं

  • पूजा करते समय मन शांत रखें

  • आरती श्रद्धा और भक्ति से करें

  • शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए

इन बातों का पालन करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

घर पर रोज शिव जी की आरती करना क्यों अच्छा माना जाता है?

अगर आप रोज सुबह या शाम शिव जी की आरती करते हैं तो इसका आपके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

रोज आरती करने से:

  • घर का वातावरण सकारात्मक रहता है

  • मानसिक शांति मिलती है

  • परिवार में सुख और शांति बनी रहती है

  • आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है

इसी कारण कई लोग अपने घर में रोज शिव जी की पूजा और आरती करते हैं।

निष्कर्ष

शिव जी की आरती करना भगवान शिव की भक्ति का एक सुंदर और पवित्र तरीका है। इसे करने के लिए किसी जटिल विधि की आवश्यकता नहीं होती, बस सच्ची श्रद्धा और भक्ति होनी चाहिए।

अगर आप नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा और आरती करते हैं तो इससे मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

इसलिए सुबह या शाम कुछ समय निकालकर भगवान शिव की आरती जरूर करें और उनकी कृपा प्राप्त करें।